एमपी बोर्ड · हाई स्कूल · हिंदी में मेंटरशिप

एमपी बोर्ड हाई स्कूल के लिए एक पर्सनल मेंटर।

मेंटर ख़ुद इंदौर में हैं, इसलिए मध्य प्रदेश के स्कूल कैलेंडर, कोचिंग की टाइमिंग और यह कि सिलेबस असल में कब तक पूरा होता है — यह सब अंदाज़े से नहीं, अनुभव से प्लान में आता है।

पूरी मेंटरिंग हिंदी में
एमपी बोर्ड कैलेंडर पर आधारित प्लान
रोज़ का छोटा टारगेट
पैरेंट्स को रिपोर्ट

यह प्रोग्राम क्या है

एमपी बोर्ड के बच्चों के लिए यह कैसे काम करता है

यह ट्यूशन नहीं है, कोचिंग बैच भी नहीं। मेंटर चैप्टर नहीं पढ़ाता — मेंटर यह देखता है कि रोज़ की पढ़ाई हो रही है या नहीं।

एमपी बोर्ड के बच्चों के साथ सबसे आम दिक्कत यह है कि स्कूल सिलेबस देर से पूरा करता है और बच्चा उसी रफ़्तार से चलता रहता है। नतीजा यह होता है कि दिसम्बर तक आधा सिलेबस बचा रहता है और घबराहट जनवरी में शुरू होती है। प्लान इसीलिए स्कूल की रफ़्तार से नहीं, परीक्षा की तारीख़ से पीछे की ओर बनाया जाता है।

मेंटरिंग फ़ोन और WhatsApp पर होती है — इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन या किसी भी क़स्बे से बच्चा जुड़ सकता है।

एक नज़र में

ज़रूरी बातें

बोर्ड
माध्यमिक शिक्षा मंडल, मध्य प्रदेश (MPBSE), भोपाल
परीक्षा
हाई स्कूल — आमतौर पर फ़रवरी–मार्च में
मेंटरिंग की भाषा
हिंदी (बच्चा चाहे तो अंग्रेज़ी)
कहाँ से जुड़ सकते हैं
पूरे मध्य प्रदेश से — फ़ोन और WhatsApp पर
क्या यह कोचिंग है
नहीं — यह आपकी मौजूदा कोचिंग की जगह नहीं लेता

विषय

किस विषय में क्या दिक्कत आती है

मेंटर पढ़ाता नहीं है — पर प्लान इस बात पर बनता है कि हर विषय किस तरह की मेहनत माँगता है।

गणित

रोज़ का छोटा अभ्यास ही काम आता है। हफ़्ते में एक लंबी बैठक से नंबर नहीं आते।

विज्ञान

भौतिकी, रसायन और जीव विज्ञान तीनों की रफ़्तार अलग है — प्लान में तीनों अलग चलते हैं।

सामाजिक विज्ञान

सबसे ज़्यादा टाला जाने वाला विषय। छोटे-छोटे दोहरावों में बाँटा जाता है।

हिंदी

नियमित लेखन-प्रैक्टिस से यहाँ सबसे तेज़ सुधार दिखता है।

अंग्रेज़ी

डर की वजह से आख़िर तक छोड़ दिया जाता है। रोज़ के छोटे हिस्सों में शुरू कराया जाता है।

साल का नक़्शा

परीक्षा की तारीख़ से पीछे की ओर बनी योजना

यह हर बच्चे का प्लान नहीं है — हर बच्चे का प्लान उसकी अपनी स्थिति पर बनता है। यह सिर्फ़ वह ढाँचा है जिसके भीतर वह बनता है।

  1. अगस्त – सितम्बर

    सिलेबस का पूरा नक़्शा और हर चैप्टर पर निशान। स्कूल की रफ़्तार नहीं, परीक्षा की तारीख़ आधार बनती है।

  2. अक्टूबर – नवम्बर

    रोज़ दो-तीन छोटे टारगेट। छूटा हुआ उसी हफ़्ते पकड़ा जाता है।

  3. दिसम्बर

    बैकलॉग बंद। यही महीना तय करता है कि जनवरी कैसा जाएगा।

  4. जनवरी

    प्री-बोर्ड और पहला पूरा रिवीज़न।

  5. फ़रवरी

    सिर्फ़ दोहराव, पिछले पेपर और आत्मविश्वास।

आपके सवाल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या इंदौर के बच्चों के लिए कुछ अलग है?

प्रोग्राम बिल्कुल वही है और फ़ीस भी वही। फ़र्क़ सिर्फ़ इतना है कि इंदौर में पहली काउंसलिंग बातचीत आमने-सामने भी हो सकती है, अगर आप ऐसा चाहें।

स्कूल सिलेबस देर से पूरा कर रहा है, तब क्या करें?

यही सबसे आम स्थिति है, और इसीलिए प्लान स्कूल की रफ़्तार से नहीं बनाया जाता। जो चैप्टर स्कूल में देर से आने हैं, उन्हें बच्चा पहले ख़ुद पढ़ना शुरू करता है — ताकि क्लास दोहराव बन जाए, पहली मुलाक़ात नहीं।

क्या मेंटरिंग हिंदी में होगी?

हाँ। एमपी बोर्ड के ज़्यादातर बच्चों की पूरी मेंटरिंग हिंदी में होती है।

From the blog

Practical guidance for Class 10 parents and students

Study plans, exam strategy and honest answers to the questions parents actually ask us — written by the mentor, not copied from a guide book.

Study Habits 18 August 2026 1 min read

बच्चा 10वीं में है और पढ़ाई नहीं करता — डाँटने से पहले यह पढ़िए

बच्चा 10वीं में है और पढ़ने नहीं बैठता? इसकी चार आम वजहें, डाँट के बजाय काम आने वाले उपाय, मोबाइल के लिए साफ़ नियम, और वे तीन वाक्य जो सचमुच बच्चे का रवैया बदलते हैं।

Read the article →

Read all articles →

अपने बच्चे के लिए मुफ़्त काउंसलिंग कॉल बुक कीजिए।

बताइए कि बच्चा कहाँ अटक रहा है। हम ईमानदारी से बताएँगे कि मेंटरशिप सही जवाब है या नहीं — और अगर नहीं है, तो वह भी कह देंगे।

  • 15–20 minutes, on the phone. No sales pitch, no obligation.
  • We look at the real problem. Backlog, no plan, distraction or confidence — they need different fixes.
  • You get a starting point either way. Even if you never join, you leave the call with a clearer picture.
📞 Prefer to talk now? +91 9907201073
Dilip Kumar Jangid · Mon–Sat, 10 am – 8 pm

Request a free counselling call

Takes 30 seconds. We usually reply the same day.

Please enter a name.
+91
Please enter a valid 10-digit mobile number.
Please choose one option.

Your number is used only to call you about this program. No spam, no sharing with anyone else.

Or just call +91 9907201073

Your details are ready to send

WhatsApp should have opened in a new tab — press send there and we’ll get your request. If it didn’t open, tap the button below.

Open WhatsApp →

Or call +91 9907201073

Book free call WhatsApp us